साधना ने मां पर लगाया जबरन शादी का आरोप, प्रेमी अनूप संग रहने की जताई इच्छा

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आज हम बात करेंगे साधना और अनूप की अधूरी प्रेम कहानी की साधना की मां ने दोनों को जबरन किया अलग अनूप को जाना पड़ा जेल और देखते हैं क्या है पूरा मामला

साधना की जिंदगी का हाई-वोल्टेज ड्रामा: प्रेम, विद्रोह और मां पर गंभीर आरोप

गांव: बड़ी पंसरही
पीड़िता: साधना (उम्र 25)
पिता का नाम: तिलौकी
माता का नाम: रामवत्ती

बड़ी पंसरही गांव इन दिनों हाई-वोल्टेज ड्रामे का गवाह बन रहा है। साधना नाम की 25 वर्षीय युवती ने अपनी मां रामवत्ती पर ऐसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसने पूरे गांव को हिला कर रख दिया है। साधना का कहना है कि वह अपने प्रेमी अनूप से शादी करना चाहती है, लेकिन उसकी मां ने उसे किसी और से शादी करने के लिए मजबूर किया। मानसिक दबाव इतना बढ़ गया कि साधना ने आत्महत्या करने की धमकी तक दे डाली।

“मुझे भागकर ले चलो!” – साधना ने प्रेमी अनूप से की गुहार

साधना और अनूप के बीच फोन पर हुई बातचीत किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। साधना ने अनूप से कहा, “मुझे यहां से भगाकर ले चलो, नहीं तो मैं अपनी जान दे दूंगी।” अनूप ने अपने बड़े भाई से सलाह लेकर उसे शांत किया और भागने से रोका। लेकिन साधना का दावा है कि उसकी मां ने उसे लगातार प्रताड़ित किया और किसी अन्य लड़के से शादी के लिए मजबूर किया।

24 तारीख: जब मां ने अनूप के घर पर मचाया हंगामा

इस घटना का नाटक अपने चरम पर तब पहुंचा जब साधना की मां रामवत्ती, अनूप के घर पहुंची और साधना को जबरन खींचकर ले जाने की कोशिश की। साधना ने चिल्लाकर कहा, “मैं अनूप के बिना नहीं रह सकती।” ग्रामीणों ने यह मंजर देखा और साधना को उसकी मां के खिलाफ आवाज उठाते हुए सुना। साधना का आरोप है कि उसकी मां ने उसे पीटा और उसका सिन्दूर तक धुला दिया।

साधना का विद्रोही बयान:

“मुझे मेरी मर्जी से जीने दो!” साधना ने प्रशासन से मांग की है कि उसे अनूप के साथ रहने दिया जाए। उसका कहना है कि वह अपनी मां की प्रताड़ना से तंग आ चुकी है और अब अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना चाहती है।

अनूप की बहन ने साधना की मां पर लगाए पलट आरोप

इस कहानी में नया मोड़ तब आया जब अनूप की बहन बबली ने साधना की मां पर पलटवार किया। बबली का कहना है, “साधना की मां झूठे आरोप लगाकर मेरे भाई को जेल भिजवाना चाहती है। प्रशासन को पहले साधना का बयान लेना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। मेरे भाई को तुरंत जेल से रिहा किया जाए।”

ग्रामीणों की राय:

इस मामले में ग्रामीण भी दो गुटों में बंट गए हैं। कुछ लोग साधना के साहस की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि परिवार के विवाद को सार्वजनिक करने से बचना चाहिए।

प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल:

साधना और अनूप के परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। अनूप के परिवार का कहना है कि यह मामला केवल प्रेम कहानी का नहीं, बल्कि दोनों परिवारों की प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है।

मांग:

साधना और अनूप ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि उन्हें अपनी मर्जी से साथ रहने दिया जाए। वहीं, अनूप की बहन ने प्रशासन से साधना की मां के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।क्या यह मामला प्रेम की जीत का बनेगा उदाहरण या सामाजिक दबाव के आगे झुकेगा? जांच जारी है.

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